छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद हैरान करने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है। रायपुर के डीडी नगर इलाके में एक आक्रामक सांड ने जमकर उत्पात मचाया और सड़क पर चल रहे करीब 15 लोगों पर अचानक हमला कर दिया। इस भीषण और डरावनी घटना में पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल सहित कुल 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें सांड की आक्रामकता साफ तौर पर देखी जा सकती है। फुटेज में नजर आ रहा है कि सांड ने घर के बाहर अपने पोते को गोद में लेकर खड़े एक बुजुर्ग पर पीछे से जोरदार हमला कर दिया, जिससे बुजुर्ग और मासूम बच्चा दोनों सड़क पर गिर पड़े। इस भयावह घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
घटना का विवरण और सीसीटीवी फुटेज का सच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रायपुर के डीडी नगर इलाके के कंचनगंगा फेस-2, सेक्टर-2 और बंजारी नगर क्षेत्रों में घटी है। यहाँ एक आवारा सांड अचानक से अत्यधिक आक्रामक हो गया और उसने राह चलते नागरिकों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। सेक्टर-2 के रहने वाले देवनारायण शर्मा अपने एक साल के मासूम पोते को गोद में लेकर घर के बाहर गली में खड़े थे और बच्चे को खिला रहे थे। तभी अचानक पीछे से आए एक सांड ने उन पर जोरदार हमला कर दिया।
अचानक हुए इस हमले के कारण देवनारायण शर्मा संभल नहीं पाए और सांड की टक्कर से उनका संतुलन बिगड़ गया। इस हादसे में देवनारायण के हाथ से बच्चा उछलकर सीधे सिर के बल सड़क पर जा गिरा। सांड ने बुजुर्ग को दौड़ा-दौड़ाकर मारा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। देवनारायण शर्मा की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, और उनका इलाज अस्पताल के आईसीयू में जारी है। इसके अलावा, इस हिंसक हमले की चपेट में आने वाली पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत रायपुर के बालाजी अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। कुल मिलाकर इस आक्रामक सांड ने क्षेत्र के लगभग 15 लोगों को घायल कर दिया।
सांड के आक्रामक होने की वजह: रेबीज की आशंका
स्थानीय गौ सेवकों और पशु प्रेमियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सांड के इस तरह अचानक आक्रामक होने के पीछे एक बड़ी वजह सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले इस सांड को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। इसी कुत्ते के काटने की वजह से सांड को रेबीज होने की पूरी आशंका जताई जा रही है। रेबीज के संक्रमण के कारण ही सांड की मानसिक स्थिति असामान्य हो गई और वह इतना हिंसक हो गया कि उसने रास्ते में मिलने वाले हर व्यक्ति पर हमला करना शुरू कर दिया और सभी को लहूलुहान कर दिया।
नगर निगम और वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर निगम में हड़कंप मच गया। नगर निगम जोन क्रमांक-5 की टीम फौरन काउ कैचर वाहन के साथ मौके पर पहुँची और सांड को पकड़ने का प्रयास किया। निगम की टीम ने दिनभर मशक्कत की, लेकिन सांड इतना ज्यादा आक्रामक था कि उसे सामान्य तरीकों से काबू में करना नामुमकिन साबित हुआ।
जब नगर निगम के अमले को सफलता नहीं मिली, तब उन्होंने वन विभाग से संपर्क किया। इसके बाद वन विभाग, जंगल सफारी की टीम और भाठागांव पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश पटेल अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। विशेषज्ञ टीम ने आधुनिक ट्रैंक्विलाइजर गन का इस्तेमाल करते हुए सांड को बेहोशी का इंजेक्शन (ट्रैंक्विलाइजर डार्ट) दिया। कुछ ही देर में बेहोशी का असर होने पर सांड पूरी तरह शांत हो गया, जिसके बाद वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में ले लिया। सांड के पकड़े जाने के बाद स्थानीय रहवासियों ने राहत की सांस ली। बेहोश करने के बाद सांड को आगे की देखरेख और इलाज के लिए नगर निगम के जोन-5 के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया मामला
इस भयावह घटना के सामने आने के बाद राजधानी रायपुर की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर जोरदार निशाना साधा है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि स्थानीय भाजपा विधायक राजेश मूणत के कार्यकाल में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और बुनियादी नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या शहर में लगातार विकराल होती जा रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है।
क्षेत्र में डर और चिंता का माहौल
भले ही वन विभाग और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई के बाद उस आक्रामक सांड को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया है, लेकिन इस घटना के बाद से डीडी नगर और आसपास के इलाकों के नागरिकों के दिलों में अभी भी खौफ का साया बना हुआ है। लोग अपने घरों के बाहर निकलने से डर रहे हैं, खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता खासे चिंतित हैं। स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में घूम रहे अन्य आवारा मवेशियों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें पकड़कर गौशालओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी दर्दनाक और जानलेवा घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
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